दक्षिण अफ्रीका में मिले नए वेरिएंट Omicron (B.1.1.529) के बारे में पूरी जानकारी

दिल्ली में Omicron Virus का पहला मरीज मिला है।

First Omicron Case In Delhi

कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन (B.1.1.529) के सामने आने से पूरी दुनिया में हलचल मच गई है। ओमिक्रॉन नाम का यह वेरिएंट पहली बार दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था। इस नए वेरिएंट को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी चिंता जाहिर की है। अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका से आने वाली फ्लाइट्स पर प्रतिबंध लगा दिया है। एक बार फिर से इस नए वेरिएंट ने दुनियाभर में डर पैदा कर दिया है।

ओमिक्रॉन वेरिएंट के पहले मामले की पुष्टि 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका में हुई थी और पहला ज्ञात संक्रमण 9 नवंबर को एकत्र किए गए नमूने से मिला था। कई देश ओमिक्रॉन के प्रसार को रोकने के लिए हाथ-पांव मार रहे हैं और दक्षिण अफ्रीकी देशों से उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया है, यहां तक ​​​​कि शेयर बाजार और तेल की कीमतें भी पर गिर गईं, संभावित रूप से वैश्विक आर्थिक सुधार को भारी झटका लगा है।

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि ओमिक्रॉन के अध्ययन को पूरा करने में कई सप्ताह लग सकते हैं, जिसमें यह देखा जाएगा कि क्या कोविड के टीकों, परीक्षणों का इस पर असर है या नहीं। दक्षिण अफ्रीका के बाद यह स्‍ट्रेन बोत्सवाना सहित आसपास के कई और देशों में फैल गया है।

क्या है नया वेरिएंट?

अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक ओमिक्रॉन वेरिएंट में कई स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन हैं और काफी ज्यादा संक्रामक है। कोरोना महामारी के अब तक कई वेरिएंट सामने आ चुके हैं। वैज्ञानिक भी नए वेरिएंट्स पर नजर लगाए हुए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि यह वेरिएंट इम्यूनिटी को तेजी से मात देने में कुशल है और यह अभी तक का सबसे ज्यादा खतरनाक वेरिएंट बताया जा रहा है।

क्या है लक्षण?

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रीय संचारी रोग संस्थान (एनआईसीडी) ने कहा है ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित होने पर कोई असामान्य लक्षण नहीं बताया गया है।” एनआईसीडी ने यह भी कहा कि डेल्टा की तरह ओमिक्रॉन से संक्रमित हुए कुछ लोग भी एसिम्टोमेटिक थे यानी उनमें कोई लक्षण दिखाई नहीं दिए थे।

WHO के अनुसार, वर्तमान SARS-CoV-2 PCR इस वेरिएंट की पहचान करने में सक्षण है। इस नए वेरिएंट को देखते हुए भारत भी सतर्क हो गया है मुंबई में दक्षिण अफ्रीका से आने वाले यात्रियों को क्वारंटाइन में रहना होगा और टेस्ट कराना होगा।

ओमीक्रॉन शब्द कहां से आया?

दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना वायरस के जिस नए वेरिएंट को B.1.1.529 कहा जा रहा था, उसे डब्ल्यूएचओ ने ‘ओमीक्रॉन’ नाम दिया है. यह ग्रीक वर्णमाला का शब्द है (What is Omicron). इस वेरिएंट के कारण यहां तेजी से मामले बढ़ रहे हैं. डब्ल्यूएचओ ने कहा कि इसके पहले मामले की पुष्टि जिस सैंपल से हुई, उसे 9 नवंबर को लिया गया था. ओमीक्रॉन के मामले अब बेल्जियम, हांगकांग और इजराइल के साथ-साथ दक्षिणी अफ्रीका के यात्रियों में भी देखे जा रहे हैं.

क्या चीज इसे खतरनाक बनाती है?

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, तेजी से फैलने वाले दूसरे वेरिएंट की तुलना में ओमीक्रॉन से दोबारा संक्रमित होने का खतरा ज्यादा है (How Dangerous Omicron Variant). इसका मतलब ये है कि जो लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे और बाद में ठीक भी हो गए, वह इस वेरिएंट से संक्रमित हो सकते हैं. ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद ने कहा है, ‘हमें जल्द से जल्द और तेजी से एक्शन लेना होगा.’

भारत में कैसी है स्थिति?

भारत में अभी तक इस नए वेरिएंट का एक भी मामला सामने नहीं आया है. हालांकि सरकार बचाव के तौर पर जरूरी उपाय अपना रही है (Omicron Variant India). भारत ने एहतियात के तौर पर ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, मॉरिशस, बांग्लादेश, बोत्सवाना, जिम्बाब्वे, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, हांगकांग और इजरायल को जोखिम वाले देशों की सूची में डाल दिया है. यानी इन देशों से जो भी यात्री भारत आ रहे हैं, उनकी दिल्ली एयरपोर्ट पर जांच हो रही है. जांच कराने वाली लैब का दावा है कि भारत में नए वेरिएंट का एक भी केस नहीं मिला है.

जहां दुनिया के बाकी देश अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लेकर सख्ती बरत रहे हैं, वहीं भारत इन्हें शुरू करने की सोच रहा है. भारत सरकार ने एक दिन पहले ही कहा है कि जो अंतरराष्ट्रीय उड़ानें ठप पड़ी हैं, उन्हें 15 दिसंबर से शुरू किया जाएगा. हालांकि जिन देशों में नए वेरिएंट के मामले मिले हैं, वहां से आने वाली उड़ानों पर रोक लगाने की मांग हो रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना के मसले पर बातचीत के लिए शनिवार को एक बैठक बुलाई थी. दूसरी तरफ दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से मांग की है कि नए वेरिएंट से प्रभावित देशों से आने वाली उड़ानों पर रोक लगाई जाए. हालांकि सरकार ने इस मामले में अभी कोई फैसला नहीं लिया है. लेकिन एयरपोर्ट पर सख्ती जरूर बढ़ा दी गई है.

कहां मिला सबसे पहले इसका केस

ओमीक्रोन वैरिएंट पहली बार 11 नवंबर को बोत्सवाना में मिला। उसके बाद हॉन्गकॉन्ग, इजरायल, बेल्जियम में मिला। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के प्रो. दीनान पिल्लई के मुताबिक इसके फैलने की रफ्तार और ज्यादा हो सकती है। इस खतरे को देखते हुए भारत महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों ने सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। पीएम मोदी ने भी इस नए वायरस से बचने के लिए लोगों से कोरोना गाइडलाइंस को फॉलो करने की बात कही है।

ओमीक्रोन के बारे में अब तक क्या पता चला

इस वायरस को लेकर तमाम अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। लेकिन सबसे पहला सवाल ये है कि आखिरकार ये वायरस कहां से आया। लंदन स्थित यूसीएल जेनेटिक्स इंस्टीट्यूट के एक वैज्ञानिक का कहना है कि कोरोना का यह वेरिएंट पहली बार कहां से आया, यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. संभवतः किसी HIV/AIDS मरीज में इम्यूनो कंप्रोमाइज्ड शख्स से क्रोनिक इन्फेक्शन हुआ हो। अफ्रीकी देशों में इसके कुछ मामले मिले हैं। यह वेरिएंट बेहद तेजी से 30 बार म्यूटेट होता है, जो ज्यादा टेंशन की वजह है। अल्फा, बीटा और डेल्टा वेरिएंट की तुलना में यह खतरनाक तरीके से मरीजों को अपनी जद में लेता है।

सबसे खतरनाक है ये वेरियंट- WHO

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे ‘वैरिएंट ऑफ कन्सर्न’ माना है और पिछले सभी वेरिएंट से ज्यादा तेजी से फैलने वाला बताया है। उन लोगों को भी यह संक्रमित कर सकता है जो पहले संक्रमित हो चुके हैं या वैक्सीन लगवा चुके हैं। हो सकता है कि स्थिति गंभीर भी कर दे। साइंटिस्ट भी अभी इस बात को लेकर दुविधा में है कि इस नए वेरिएंट के खिलाफ वैक्सीन कितना असर करेगी। ओमीक्रोन के स्पाइक प्रोटीन में 30 से ज्यादा म्यूटेशन्स हैं और ACE2 रिसेप्टर, जिसके रास्ते संक्रमण व्यक्ति को संक्रमित करता है, उसमें 10 से ज्यादा म्यूटेशन्स हैं। डेल्टा वेरिएंट के महज 2 म्यूटेशन थे। कम म्यूटेशन के बाद भी डेल्टा ने सेकंड वेव के दौरान कहर बरपाया था। ऐसे में ओमीक्रोन 10 वैरिएंट के साथ स्थिति को और खराब कर सकता है।

वैक्सीनेशन पर क्या है प्रभाव

टीकों पर नए संस्करण का प्रभाव अपेक्षाकृत जल्द ही स्पष्ट हो सकता है। बायोएनटेक एसई जो दुनिया के सबसे ज्यादा बिकने वाले कोविड वैक्सीन पर फाइजर इंक के साथ काम करता है, उन्होंने कहा कि यह वेरिएंट पर प्रयोगशाला अध्ययन शुरू कर रहा है और दो सप्ताह के भीतर वैक्सीन के साथ कैसे इंटरैक्ट करता है, इसका पहला डेटा होना चाहिए। बायोएनटेक और फाइजर ने लंबे समय से वादा किया है कि यदि आवश्यक हो तो वे 100 दिनों के भीतर अपने टीके का एक नया संस्करण तैयार करने में सक्षम होंगे।

देशों ने जारी किया अलर्ट

दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना वायरस के नए वैरिएंट को लेकर अनेक देशों ने तत्काल प्रभाव से अपने बॉर्डर बंद कर दिए हैं। शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका से एम्सटर्डम से आने वाली दो फ्लाइटों में इस नए स्ट्रेन से संक्रमित यात्रियों को पहुंचते ही आइसोलेट कर दिया गया है। डच स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच के नतीजों के आधार पर यह जानकारी मिली है कि दक्षिण अफ्रीका से एम्सटर्डम आने वाली दो फ्लाइट में सवार कुल 600 यात्रियों के कोविड-19 टेस्ट कराए गए। इसके शुरुआती नतीजों में 10 से अधिक यात्री कोरोना संक्रमित हैं।

श्रीलंका ने लगा दिया बैन

श्रीलंका रविवार से छह दक्षिण अफ्रीकी देशों के अधिकतर यात्रियों को अपनी सीमा में प्रवेश देने पर रोक लगाएगा। यहां की सरकार ने यह कदम दक्षिण अफ्रीका में इस हफ्ते के शुरुआत में कोविड-19 वायरस के अपेक्षाकृत अधिक घातक स्वरूप ओमीक्रोन की पहचान होने के मद्देनजर उठाया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। स्वास्थ्य सेवा के महानिदेशक द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, ‘रविवार से दक्षिण अफ्रीका, बोत्स्वाना, जिम्बाब्वे, नामीबिया, लेसोथो और इस्वातिनी से आने वाले यात्रियों को अनिवार्य रूप से आइसोलेशन में रहने की आवश्यकता होगी।’

वेरिएंट के बारे में अब तक क्या पता चला है?

जिन शोधकर्ताओं ने अफ्रीका के बोत्सवाना से लिए गए सैंपल में B.1.1.529 का पता लगाया है. उन्हें यह जानकर आश्चर्य हुआ कि इसमें स्पाइक प्रोटीन में 30 से अधिक परिवर्तन (म्यूटेशन) हुए हैं. हालांकि वैज्ञानिक अब भी इस वेरिएंट और इसके प्रभावों का अध्ययन कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह अधिक गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है. दक्षिण अफ्रीका के डॉक्टरों ने कहा है, अन्य वेरिएंट की तरह, इससे संक्रमित कुछ लोगों में कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं.

दक्षिण अफ्रीकी विशेषज्ञों ने कहा कि अभी तक इस बात के कोई संकेत नहीं मिले हैं कि यह वेरिएंट अधिक गंभीर या असामान्य बीमारी का कारण बनता है. ब्रिटेन के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में कोविड-19 संबंधी आनुवंशिक अनुक्रमण कार्यक्रम का नेतृत्व करने वाली शेरोन पीकॉक ने कहा कि यह पता करने में अभी कई सप्ताह लगेंगे कि नए वेरिएंट के खिलाफ मौजूदा कोविड रोधी वैक्सीन प्रभावी हैं या नहीं. पीकॉक ने यह भी कहा कि इस बात का कोई संकेत नहीं है कि इस वेरिएंट से अधिक घातक बीमारी होती है.

दुनियाभर में जताई जा रही चिंता

27 देशों वाले यूरोपीय संघ ने दक्षिणी अफ्रीका से हवाई यात्रा स्थगित कर दी है. अमेरिका और कनाडा ने दक्षिण अफ्रीका से आने वाले लोगों की यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है (Travel Ban on South Africa। ओमान ने इस वेरिएंट पर चिंता जताते हुए 28 नवंबर से दक्षिण अफ्रीका सहित सात देशों के यात्रियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि नए वेरिएंट को लेकर जानकारी ‘पहले से कहीं अधिक स्पष्ट करनी चाहिए, जब तक हमारे पास वैश्विक टीकाकरण नहीं होगा, तब तक यह महामारी समाप्त नहीं होग।

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